HSRP विवाद में फंसे टीम इंडिया के स्टार आकाश दीप
भारतीय तेज गेंदबाज़ आकाश दीप HSRP विवाद को लेकर क्रिकेट से अलग कारणों से सुर्खियों में हैं।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने उन्हें हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बिना वाहन चलाने के आरोप में नोटिस जारी किया है।
इसके साथ ही, जिस डीलरशिप से उन्होंने वाहन खरीदा था, उस एम/एस सनी मोटर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। चिनहट स्थित इस डीलरशिप को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि उसने वाहन का पंजीकरण पूरा किए बिना और HSRP लगाए बिना ही वाहन डिलीवर कर दिया।
अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा मामला भी HSRP विवाद से जुड़ा है। डीलर को इस पर 14 दिन के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है।
यह नोटिस ऐसे समय में आया है जब 27 वर्षीय खिलाड़ी ने हाल ही में एक निजी उपलब्धि का जश्न मनाया था। इंग्लैंड में भारत की 2-1 टेस्ट सीरीज़ ड्रॉ के बाद आकाश दीप ने फॉर्च्यूनर खरीदने का अपना सपना पूरा किया।
उन्होंने अपने परिवार और नई कार के साथ इंस्टाग्राम पर फोटो साझा की, जिसमें लिखा था “Dream delivered. Keys received. With the ones who matter most.” यह तस्वीर अब HSRP विवाद के चलते चर्चा में है।
कारदेखो डॉट कॉम के अनुसार, उनकी पोस्ट में दिखाया गया मॉडल काले रंग की टॉप वेरिएंट टोयोटा फॉर्च्यूनर है, जिसकी कीमत 62 लाख रुपये से अधिक है। भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उन्हें बधाई देते हुए लिखा “बहुत बहुत बधाईiii।”
हालांकि नोटिस ने उनके जश्न पर असर डाला है, लेकिन इंग्लैंड सीरीज़ में उनके प्रदर्शन ने उनकी क्रिकेट प्रतिष्ठा को बरकरार रखा है। तीन टेस्ट मैचों में उन्होंने 13 विकेट लिए, जिसमें एक पारी में चार और एक पारी में पांच विकेट शामिल थे।
वह इंग्लैंड में एक टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले केवल दूसरे भारतीय गेंदबाज़ बने, उनसे पहले यह उपलब्धि 1986 में चेतन शर्मा ने हासिल की थी।
उन्होंने बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन किया और द ओवल में खेले गए पांचवें टेस्ट की दूसरी पारी में नाइटवॉचमैन के रूप में उतरकर अपना पहला अर्धशतक (66 रन, 12 चौके) बनाया। इस दौरान उन्होंने यशस्वी जायसवाल के साथ 107 रनों की साझेदारी की।
आधिकारिक नोटिस के अनुसार, एम/एस सनी मोटर्स, चिनहट (ट्रेड सर्टिफिकेट नं.: UP32TC0664A-E) ने आकाशदीप सिंह द्वारा खरीदी गई नई टोयोटा फॉर्च्यूनर बिना पंजीकरण, बिना HSRP और थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क लगाए डिलीवर की, जो कि सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 के नियम 44 का उल्लंघन है। यह कार्रवाई भी HSRP विवाद के ही अंतर्गत मानी जा रही है।
एआरटीओ लखनऊ और वाहन पोर्टल की प्रारंभिक जांच में पता चला कि वाहन का सेल इनवॉइस 7 अगस्त 2025 को जारी हुआ, बीमा 8 अगस्त 2025 को किया गया, लेकिन रोड टैक्स का भुगतान नहीं हुआ और पंजीकरण अधूरा रहा।
इसके बावजूद वाहन सार्वजनिक उपयोग में पाया गया। डीलर को 14 दिन में वैध कानूनी स्पष्टीकरण देने को कहा गया है, अन्यथा उनका ट्रेड सर्टिफिकेट रद्द कर दिया जाएगा।
वाहन मालिक आकाशदीप सिंह को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 39, 41(6) और 207 के तहत वाहन उपयोग निषेध नोटिस दिया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि पंजीकरण, HSRP और थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क लगाने तथा वैध बीमा पूर्ण होने तक वाहन न चलाएं। उल्लंघन होने पर वाहन ज़ब्त कर मुकदमा चलाया जाएगा।
विभाग के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 39 में स्पष्ट है कि बिना पंजीकरण और पंजीकरण नंबर प्रदर्शित किए कोई वाहन सार्वजनिक स्थान पर नहीं चलाया जा सकता। HSRP और थर्ड रजिस्ट्रेशन मार्क न केवल कानूनी आवश्यकता हैं बल्कि वाहन पहचान और सड़क सुरक्षा के लिए भी ज़रूरी हैं।
विभाग ने यह भी कहा कि मशहूर हस्तियों और सार्वजनिक व्यक्तियों के कार्यों का समाज पर गहरा असर होता है और उनके उल्लंघन से जनता को गलत संदेश जाता है।
इस HSRP विवाद को उदाहरण बनाते हुए विभाग ने अनुपालन की संस्कृति को मजबूत करने के लिए त्वरित और कड़े कदम उठाना आवश्यक समझा।